हाहाकार !!!
प्रदीप यादव की स्वरचित रचनाएँ...
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Saturday, 26 January 2013
कारण
कारण ...
फ़र्ज़ पर इश्क का अहसानमंद होना, तो लाजमत हैं ,
उल्फत तेरी भी सुर्ख होगी फक्त ज़ज्बात की आँधी हैं।
~ प्रदीप यादव ~
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