दिल ओ दिमाग
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दिमाग रखा करिए ;
शिकवे गिनाने को ;
दिल भी रख लीजिए ;
रूठे मनाने को |
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~ प्रदीप यादव ~
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खुश हो लिए ज़माने में
हदे गम जानकर ;
खुश हो लिए ज़माने में
हदे गम जानकर ;
हैरान हो रही दुनिया
ख़ुशीयों को पाकर |
____________
~ प्रदीप यादव ~
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