Friday, 26 September 2014

दिल ओ दिमाग




दिल ओ दिमाग


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दिमाग रखा करिए ;

शिकवे गिनाने को ;


दिल भी रख लीजिए ;

रूठे मनाने को |

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~ प्रदीप यादव ~

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खुश हो लिए ज़माने में

हदे गम जानकर ;


हैरान हो रही दुनिया

ख़ुशीयों को पाकर |

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~ प्रदीप यादव ~

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