Yunhi bekhabar saa chlaa jaa rahaa tha.
Tumse mila toh Sazdaa karne ko ji chaha,
doston ne bharam rakh liyaa jine kaa ,
Zindgee tum se bezaar huaa jaa rahaa tha . ~ Pradeep Yadav ~
दिवस की शुभ कामनाएं मित्रों ...
यूँ ही बेखबर सा चला जा रहा था ,
तुमसे मिलके सजदा करने जी चाहा ,
दोस्तों ने भरम रख लिया जीने का,
वर्ना जिंदगी से बेज़ार हुआ जा रहा था। ~ प्रदीप यादव ~
यादों का हरापन जिंदगी में बनाए रखना,
नमी ज़स्बातों की खुशनुमा रहने को काफी है। ~ प्रदीप यादव ~
Yaadon ka Haraapan zindagi mai banaye rakhna ,
Nami jazbaaton ki khushnuma rahne ko kaafi hai .
~ Pradeep Yadav ~
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Kisi Roz Mujh Saa Tikhapan bhi zaroori hai,
Lazzatein badhane ke lie ।
Hamesha darqar achchi nahi mithaas bhi,
Tavaazum E Hazama ke lie । ~ Pradeep Yadav ~
Tavaazum E Hazama = test supplement or balance to digestive .
किसी रोज़ मुझ सा तीखापन भी ज़रुरी है, लज्ज़तें बढ़ाने के लिए ।
हमेशा दरकार अच्छी नहीं मिठास भी,
तवाजुम ए हाजमा के लिए । ~ प्रदीप यादव ~
तवाजुम ए हाजमा = स्वाद संतूलन या सुपाचन
दरख्वास्त
बहुत बोलते हैं नैन ,
जब इश्क किया करते हैं।
कुछ ख़याल जिंदगी को,
रंग जाया करते हैं ,
कुछ रंगों से किनारा करते हैं ,
राज ए दिल कह लिया करो,
चुप रह जाने से मौसम,
खफा हो लिया करते हैं । ~ प्रदीप यादव ~
तवाजुम ए हाजमा के लिए । ~ प्रदीप यादव ~
तवाजुम ए हाजमा = स्वाद संतूलन या सुपाचन
दरख्वास्त
बहुत बोलते हैं नैन ,
जब इश्क किया करते हैं।
कुछ ख़याल जिंदगी को,
रंग जाया करते हैं ,
कुछ रंगों से किनारा करते हैं ,
राज ए दिल कह लिया करो,
चुप रह जाने से मौसम,
खफा हो लिया करते हैं । ~ प्रदीप यादव ~