Tuesday, 9 July 2013

शुभ कामनाएं




Yunhi bekhabar saa chlaa jaa rahaa tha.

Tumse mila toh Sazdaa karne ko ji chaha,
doston ne bharam rakh liyaa jine kaa ,
Zindgee tum se bezaar huaa jaa rahaa tha .  ~ Pradeep Yadav ~

दिवस की शुभ कामनाएं मित्रों ...

यूँ ही बेखबर सा चला जा रहा था ,
तुमसे मिलके सजदा करने जी चाहा ,
दोस्तों ने भरम रख लिया जीने का,
वर्ना जिंदगी से बेज़ार हुआ जा रहा था।
   प्रदीप यादव ~ 



यादों का हरापन जिंदगी में बनाए रखना,
नमी ज़स्बातों की खुशनुमा रहने को काफी है।
~
प्रदीप यादव



Yaadon ka Haraapan zindagi mai banaye rakhna ,
Nami jazbaaton ki  khushnuma rahne ko kaafi hai . 

Pradeep Yadav ~ 

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Kisi Roz Mujh Saa Tikhapan bhi zaroori hai,
Lazzatein badhane ke lie ।
Hamesha darqar achchi nahi mithaas bhi,
Tavaazum E Hazama ke lie । ~
Pradeep Yadav ~
  
Tavaazum E Hazama = test supplement or balance to digestive .

किसी रोज़ मुझ सा तीखापन भी ज़रुरी 
है, लज्ज़तें बढ़ाने के लिए । 
हमेशा दरकार अच्छी नहीं मिठास भी,
तवाजुम ए हाजमा के लिए ।
 ~ प्रदीप यादव
तवाजुम ए हाजमा  = स्वाद संतूलन या सुपाचन


दरख्वास्त 

बहुत बोलते हैं नैन ,
जब इश्क किया करते हैं। 

कुछ ख़याल जिंदगी को,
रंग जाया करते हैं ,
कुछ रंगों से किनारा करते हैं ,
राज ए दिल कह लिया करो,
चुप रह जाने से मौसम,
खफा हो लिया करते हैं ।
 ~ प्रदीप यादव ~

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