Wednesday, 9 January 2013

नए साल का रिएक्शन




नए साल का रिएक्शन ( व्यंग ... प्रदीप यादव स्व रचित )

क पावभर की महिला ने किलो भर सौन्दर्य प्रसाधन किया।
और मेकओवर के बाद अपना सुंदर मुखड़ा हमें  दिखा दिया।
हमने ध्यान धर उसको देखा और भोंचक हो कर  कह दिया।
'ओ प्रिया ...प्रिया .... ओ प्रिया ये तूने क्या कर दिया ....
इस बेचारे कॉस्मेटिक बेचने वाले को ही क्यूँ तूने लूट लिया,....

चिल्लम चिल्ली सुन कर हमारे आसपास भी मजमा इकट्ठा हो लिया।
भाईसाहब मेरी मानो! हमारे पास खड़े मसखरे ने तभी एलान ये किया।
ये कॉस्मेटिक ने हमारे पडोसन महिला पर क्या गजब रिएक्शन किया।
शेम्पू जो लिया था बालों को झड़ने से बचाने का उसी ने धोखा दे  दिया।
सभी ने उत्सुकतावश पुछा मतलब नकली माल, नहीं काम कोई आया।
मसखरा इतरा के तब बोला नहीं, भाइयों माल तो असली ही था आया।
बालों का झड़ना तो हुआ बंद, बस महिला का चेहरा बालों से भर आया।
कहाँ फंसाया दारी ने, सोच मन ही मन बड़बड़ाया, खिसियाया,घबराया।
दौड़ा भागा घर के भीतर,बाल्टी भर पानी लेकर फिर मैं बाहर को धाया।
साथ की महिलाओं ने कुछ समझाया तब कही जाकर उसे मुंह धुलवाया।
घोटाला हुआ ये अनजाने,निकली पड़ोसन वो जिसे मैं प्रिया समझ आया।
न्यू-इयर पार्टी पर जाने तैयार थी वो, परन्तु मैं ही सत्यानाश कर आया।

सब कहाँ थे चूकने वाले, बस छूटते ही मुंह पर कह दिया "हैप्पी न्यु इयर" ......

by ....... प्रदीप यादव 3 जनवरी 2013 ....

मंहगाई 
अरे, यही तो महंगे राशन की सस्ते शासन से प्रीती है,
तभी तो यहाँ झोला भरता है पर एक झोली ही रीती है।
~ प्रदीप यादव~

2 comments:

  1. न्यू-इयर पार्टी पर जाने तैयार थी वो, परन्तु मैं ही सत्यानाश कर आया।

    सब कहाँ थे चुकने वाले, बस छुटते ही मुंह पर कह दिया "हैप्पी न्यु इयर" .....

    हैप्पी न्यु इयर

    ReplyDelete