Friday, 13 December 2013

जूठन


विष का पान हैं जूठन ,
गिरता इंसान है जूठन , 
लुटता सम्मान है जुठन ,
अतृप्त श्रंगार है जूठन ,
कामयाब बेईमान है जुठन ,
अमर्यादित अभिमान जूठन ,
साहस का अपमान जूठन ,
अपच का काम है जूठन , 
अन्नदेव का अपमान है जूठन | 


प्रदीप यादव ~ 

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