FB २ \९
मेरे Mystery Mitर , जब से तुम्हें नामों की जुगाड़ से बाहर ,
रह कर अनोखा करते देखा है। ……
मेरे Mystery Mitर , जब से तुम्हें अंधी दौड़ को पीछे छोड़ ,
बेडौल दुनिया में संतुलित होते देखा है । ….
मेरे Mystery Mitर , जब से तुम्हें नाचते गाते जिंदगी का
हर लम्हें पर इंतज़ार करते देखा है । …….
मेरे Mystery Mitर , बांकपन से संजीदगी और चुनौती से ,
आँखें मिलाने का दुस्साहस देखा है । …
दोस्त हर राज़ को राज़ रखने की कीमत ना चुकाना ,
हर्ज़ ज़िन्दगी के हमराज भूलाने में नहीं ख़ुशी भुल जाने में है ।
~ प्रदीप यादव ~
मेरे Mystery Mitर , जब से तुम्हें नामों की जुगाड़ से बाहर ,
रह कर अनोखा करते देखा है। ……
मेरे Mystery Mitर , जब से तुम्हें अंधी दौड़ को पीछे छोड़ ,
बेडौल दुनिया में संतुलित होते देखा है । ….
मेरे Mystery Mitर , जब से तुम्हें नाचते गाते जिंदगी का
हर लम्हें पर इंतज़ार करते देखा है । …….
मेरे Mystery Mitर , बांकपन से संजीदगी और चुनौती से ,
आँखें मिलाने का दुस्साहस देखा है । …
दोस्त हर राज़ को राज़ रखने की कीमत ना चुकाना ,
हर्ज़ ज़िन्दगी के हमराज भूलाने में नहीं ख़ुशी भुल जाने में है ।
~ प्रदीप यादव ~
No comments:
Post a Comment