FB २८\९
जो दिया किसी ने खुशी के लिए सहारा ,
आप खुशी का उसकी भी रखना ख्याल ,
खुदा देता हैं हर बंदे को अदा उल्फत की ,
दिलों से सिर्फ नफरतों को बाहर रखना | ~ प्रदीप यादव ~
FB २९\९
है माले मुफ्त का दौर यहाँ ,
वजीर चुप जनता बेज़ार है ,
युवराजों में खुन्नस का माहौल ,
महारानीयाँ उडाती रहती ,
शिष्टाचार का मखौल,
जित खोजें तित पाईऐ,
भ्रष्टाचार ओ घोटाले अनमोल ,
बने संस्कृति रक्षक वही,
जिनके रहे आस्थिर खोल ,
हाथ लड़ाई जो लड़ा ,
हुआ उसी का डिब्बा गोल ,
बजा करते कभी जिनके डंके ,
मंसूबे टूटे ,फट गए थे ढोल | ~ प्रदीप यादव ~
जो दिया किसी ने खुशी के लिए सहारा ,
आप खुशी का उसकी भी रखना ख्याल ,
खुदा देता हैं हर बंदे को अदा उल्फत की ,
दिलों से सिर्फ नफरतों को बाहर रखना | ~ प्रदीप यादव ~
FB २९\९
है माले मुफ्त का दौर यहाँ ,
वजीर चुप जनता बेज़ार है ,
युवराजों में खुन्नस का माहौल ,
महारानीयाँ उडाती रहती ,
शिष्टाचार का मखौल,
जित खोजें तित पाईऐ,
भ्रष्टाचार ओ घोटाले अनमोल ,
बने संस्कृति रक्षक वही,
जिनके रहे आस्थिर खोल ,
हाथ लड़ाई जो लड़ा ,
हुआ उसी का डिब्बा गोल ,
बजा करते कभी जिनके डंके ,
मंसूबे टूटे ,फट गए थे ढोल | ~ प्रदीप यादव ~
No comments:
Post a Comment