FB ५ \ ९
रवानगी ( A Path For An Achievement )
हद ए मंजिल को पाना ,
दीवानगी से कम नहीं ,
तू मंसूब तोह हो सकता है ,
महबूब मिले या नहीं ।
तख्ती लगा दो ,
मेरी रवानगी की प्रदीप ,
अब मंज़िले मिले या के हम ! ~ प्रदीप यादव ~
रवानगी ( A Path For An Achievement )
हद ए मंजिल को पाना ,
दीवानगी से कम नहीं ,
तू मंसूब तोह हो सकता है ,
महबूब मिले या नहीं ।
तख्ती लगा दो ,
मेरी रवानगी की प्रदीप ,
अब मंज़िले मिले या के हम ! ~ प्रदीप यादव ~
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