श्री कृष्ण जन्मोत्सव
पग पखार श्यामल,
हुई कालिंदी सांवरी,
रास रचाकर बृजवासी
संग राधा हुई बावरी,
रच गिरधर के भक्ति पद
भय मीराबाई बावरी,
श्याम सुर लगायो,जसोदा
उर आनंद हरषायो,
किशना माखन मटकी चुरायो,
बाजी बाँसुरी धीमे धीमे
गोपिका मन भरमायो,
भजे द्वारिकेष मिश्री माखन,
तुलसी चन्दन,
निर्मल दीप जलायो,
सखी,रंक,संत,राजा,देवता,अधिनायक
भय मीराबाई बावरी,
श्याम सुर लगायो,जसोदा
उर आनंद हरषायो,
किशना माखन मटकी चुरायो,
बाजी बाँसुरी धीमे धीमे
गोपिका मन भरमायो,
भजे द्वारिकेष मिश्री माखन,
तुलसी चन्दन,
निर्मल दीप जलायो,
सखी,रंक,संत,राजा,देवता,अधिनायक
सब मिल शीश झुकायो ।
लीलाधर विष्णु के तुम अवतारी, श्याम लला जनम की आई बारी।
लीलाधर विष्णु के तुम अवतारी, श्याम लला जनम की आई बारी।
नंद नटवर कृष्ण गिरधारी आज भजन जुटे हैं नर नारी,
गोपिकावल्लभ मनोहारी ,पूजन में पधारज्यो बलिहारी
हरे कृष्ण,गोवर्धन,गोविन्द, घनश्याम,गिरधारी गाओ,
गोपिकावल्लभ मनोहारी ,पूजन में पधारज्यो बलिहारी
हरे कृष्ण,गोवर्धन,गोविन्द, घनश्याम,गिरधारी गाओ,
झूम झूम सब जन हरी मन विठ्ठल विठ्ठल ध्याओ ।
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~ प्रदीप यादव ~
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~ प्रदीप यादव ~
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