हाहाकार !!!
प्रदीप यादव की स्वरचित रचनाएँ...
Saturday, 23 March 2013
असमय मृत्यु ...
असमय मृत्यु
...
मर जाती हैं
माँ जब असमय
ममता नहीं मरती,
टीस फूल की
डाल से बिछुड़ कर
खुशबुओं में
रहा करती है । ~
प्रदीप यादव
~
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