Thursday, 21 March 2013

हसबेंड फेविकोल ( व्यंग )

हसबेंड फेविकोल 

हे वनिता क्यों,
तहलका मचाकर,
विधान को दहला रही हो,
यम से प्रिय
प्राणनाथ की रक्षा हेतु ,
फेविकोल लगा रही हो,
टेम्परेरी अरेजमेंट है ये अगले
जन्म में तो स्वामी डिसेंट है।
सुन लो यम तेरी बातों,
में लग रहा है दम,
फिलहाल कर लेती हूँ,
मैं दुर्घटना ये एडजेस्ट,
जो अगला खराब मिला तोह,
जा पहूँचुंगी सीधे फास्ट ट्रेक,
अच्छा मिला तो ठीक वर्ना
एक्सचेंज ऑफर वेलेड रखना,
कंज्यूमर फोरम का ज़माना हे,
यमराज सेवा में त्रुटी हुई,
तो समझो खैर नहीं,
वंहा तो सिर्फ नाम के
राजा हो नर्क के नज़ारे
धरती पर ही ना दिखाए,
धर्मपत्नी नाम नहीं ।

व्यंग   ~ प्रदीप यादव ~

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