हाहाकार !!!
प्रदीप यादव की स्वरचित रचनाएँ...
Thursday, 14 February 2013
हेलिकॉप्टर सौदा
अगुस्ता वेस्टलेंड हेलिकॉप्टर सौदा
वोह ठहरा सियासतदां,पलट जाने का हुनरमंद,
किसे कोसते हम आप बगलगीर था जरूरतमंद । ~
प्रदीप यादव
~
सौंपा किए मुस्तकबिल जिसे मसीहा समझकर ,
धंधेबाज़ निकला वो आबरू का सौदा करने वाला। ~
प्रदीप यादव
~
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