Tuesday, 5 February 2013

पंजा लड़ाएगी

मैं बड़े ही प्रेम और विश्वास से प्रेयसी के पास गया
और पूछा " पंजा लड़ाएगी" ।
दारी ने जमाके चमाट धर दी भाई, मेरे   ....
वो दिन का दिन से मेरा तो 'प्रेम' से दिल उचट गया।
जो नारी पुरुष पे भारी पड़  जाए ना तो भैये हनुमान
जी की शरण में ही समझदारी से  .... समझे भाई जी  !!! ~ प्रदीप यादव ~ 

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