मैं बड़े ही प्रेम और विश्वास से प्रेयसी के पास गया
और पूछा " पंजा लड़ाएगी" ।
और पूछा " पंजा लड़ाएगी" ।
दारी ने जमाके चमाट धर दी भाई, मेरे ....
वो दिन का दिन से मेरा तो 'प्रेम' से दिल उचट गया।
जो नारी पुरुष पे भारी पड़ जाए ना तो भैये हनुमान
जी की शरण में ही समझदारी से .... समझे भाई जी !!! ~ प्रदीप यादव ~
वो दिन का दिन से मेरा तो 'प्रेम' से दिल उचट गया।
जो नारी पुरुष पे भारी पड़ जाए ना तो भैये हनुमान
जी की शरण में ही समझदारी से .... समझे भाई जी !!! ~ प्रदीप यादव ~
जी ..
ReplyDeleteHahahaha ...
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